Monday, March 12, 2012

तेरी अखियों से सारा नशा पी लेना चाहता हूँ

तेरी अखियों से सारा नशा पी लेना चाहता हूँ
कुछ अरसा खामोशी से जी लेना चाहता हूँ ।
कहते हैं लोग नशीली हैं तेरी कजरारी आँखें
नज़र न लगे 'हर्ष' होंठों को सी लेना चाहता हूँ ।

___________________हर्ष महाजन