Sunday, July 15, 2012

ऐ खुदा उस शख्स को कुछ तौफीक देना

ऐ खुदा उस शख्स को कुछ तौफीक देना
जीत हासिल हो उसे मगर तहजीब देना ।

घात-प्रतिघात का सिलसिला बदल देना यूँ
शांत कर देना चित फिर रिश्ता करीब देना ।

आफत में जो कुछ भी गुज़र रहा है उस पर
इल्तजा है उस मुहीम पर रख सलीब देना ।

बहुत चाहता हूँ उसे मगर इम्तिहाँ कैसे दूं
उसके दामन में ऐ खुदा कोई तरकीब देना ।

गर बिछी है बिसात कोई मजलूम के लिए
मात हो दुश्मन की ऐसा उसे नसीब देना ।


___________हर्ष महाजन ।