Friday, August 31, 2012

'हर्ष' लगे शिक्वों से दोज़ख पा गया

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'हर्ष' लगे शिक्वों से दोज़ख पा गया
आसमाँ अब यूँ ज़मीन पे आ गया ।
डर है मुझे दुनिया कहीं कर दे न कतल,
मै इश्क से खुद ही खता यूँ खा गया ।

______________हर्ष महाजन ।

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'Harash' lage shikwoN se dozakh pa gaya
aasmaN ab yuN zameeN pe aa gaya.
Dar hai mujhe duniyaaN kahiN kar de na katal
MaiN ishq se khud hi khata yuN kha gaya.

_______________Harash Mahajan