Thursday, August 16, 2012

ऐ मौत तुझ से मैं डरता नहीं हूँ पर

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ऐ मौत तुझ से मैं डरता नहीं हूँ पर
तेरी दस्तक मुझे जीने नहीं देती ।

______________हर्ष महाजन 


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 ऐ मौत मैं डरता नहीं तुझसे मगर तू सुन
दस्तक तिरी मुझको कभी जीने नहीं देती ।
मय से भरे शीशे में जब तू ही नज़र आये
आंसू भी मुझको चैन से पीने नहीं देती ।

_____________हर्ष महाजन ।