Monday, September 17, 2012

मेरी शहादत कबूल कर लो

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मेरी शहादत कबूल कर लो,

रुह पास है सब वसूल कर लो | 
नकाम-ए-इश्क़ में जाँ भी देंगे,
ये सब नसीहत असूल कर लो |

जब हो रहे हों ज़मीर के टुकड़े,

तो खुद को ही तुम रसूल कर लो |

खुद्दारी पे गर आंच भी आये

बे-खौफ खुद को मकतूल कर लो |

नामुमकिन हों हलाते वफ़ा जब

दुआएं अपनी मकबूल कर लो |

_________हर्ष महाजन


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मकतूल = murdered
रसूल = Messenger of god
मकबूल=मनचाही,
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