Thursday, January 17, 2013

उम्र तो कट गयी मेरी शेरो-सुखन में लेकिन

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उम्र तो कट गयी मेरी शेरो-सुखन में लेकिन,
आज तलक मुझको तुझ सा करिदार न मिला |

मिला था चैन बस मुझको तेरे होने से लेकिन
इश्क की राह में तुझ सा वफादार न मिला |

मुझे भी है तलब तेरी निगाहों में सदा तारी,
मगर तुझको भी मुझ सा तलबगार न मिला |

मुझे नफरत ख्यालों से जो वक़्त पे काम न आये,
करूँ इंतज़ार कि तुझ सा दिलदार न मिला |

हश्र में कोई न था चाहने वाला ए 'हर्ष'
यहाँ एक तू था पर तुझ सा जी दार न मिला |

___________हर्ष महाजन