Monday, March 25, 2013

कुत्ते बने अब मनचले,बिल्ले गए परदेस

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कुत्ते बने अब मनचले,बिल्ले गए परदेस,
बंदर सब रंग ले उड़े,लगायें जंगल में रेस |

लगायें जंगल में रेस,मची शेरो में भगदड़,

देख रंगों की झिलमिल ,फिर बने सब गीदड़ |
कहे "हर्ष" तुम खेलो, नहीं तो पड़ेंगे जूते,
सभी लगाओ पशु रंग, न बन जाओं तुम कुत्ते |

_____________हर्ष महाजन

~~~~~~~~~~~~~बुरा न मानों होली है ~~~~~~~~~