Saturday, April 13, 2013

बेवफाई जो बालों पे झलकने लगी थी

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बेवफाई जो बालों पे झलकने लगी थी,
हमने भी बे-रहमी से उसे कुचल डाला |

कैसे छुपायें हम खुदा की इस खुदाई को,
बेशक अजीम रंगों से इन्हें बदल डाला |

____________हर्ष महाजन