Sunday, April 14, 2013

न रहे तेरी जुबां पर किसी अब गैर का नाम

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न रहे तेरी जुबां पर किसी अब गैर का नाम,
तुझे ऐतराज़ बता देना, किसी ज़हर का नाम |

दिल की बस्ती में बसेगा, तेरा मेरा जो ये गाँव,
गर तू परेशान बता देना, किसी शहर का नाम |

सैलाबे इश्क है आँखों में, तू खामोश है क्यूँ
रेत दे दिल तू मेरा या बता, किसी नहर का नाम |

तेरी अखियों के समंदर में, अब पतवार नहीं
ठेल साहिल पे मुझे या बता, किसी लहर का नाम |

मेरे नसीब में ये लुत्फ़ अब मैयत में सही
जो रहेगा तेरे नाम संग, किसी अब गैर का नाम |

___________हर्ष महाजन