Wednesday, June 5, 2013

उम्र-भर जुल्फों तले जिनकी बंद कर आँखें सकूं पाता रहा

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उम्र-भर जुल्फों तले जिनकी बंद कर आँखें सकूं पाता रहा,
उन्हें देखते ही जुल्फें शानों से अब वो हटा लिया करते हैं |

जिनको देखने भर से उनके चहरे पर आ जाती थी रौनक,
आजकल उनके शेरों को देख वो आंसू बहा लिया करते हैं |

___________________हर्ष महाजन |