Sunday, June 9, 2013

रात भर अश्क मोती बन निकले

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रात भर अश्क मोती बन निकले,
ज्यूँ ही ख़्वाबों में तेरे हम निकले |
अश्क भर-भर नहला दिया तुमने,
तेरे दिल से जो बन के गम निकले |

__________हर्ष महाजन