Sunday, August 11, 2013

पैंसठ इकहत्तर और कारगिल देश को गर अब याद नहीं


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पैंसठ इकहत्तर और कारगिल देश को गर अब याद नहीं,

होगा जग के मानचित्र पर फिर उस देश का नाम नहीं |

अबकी बार जो हुआ युद्ध तो , नया इतिहास बना देंगे,
उठेगा जो जो संग उसके , उसका भी निशाँ मिटा देंगे |

वीर शिवा की धरती पर न समझो कोई महाकाल नहीं,
हिन्दुस्तान की ताकत है, कोई खोखला महाजाल नहीं |


____________________हर्ष महाजन |