Thursday, August 8, 2013

मेरा ज़ख़्मी दिल है उदास बहुत दर्द कम है पर अहसास बहुत



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मेरा ज़ख़्मी दिल है उदास बहुत दर्द कम है पर अहसास बहुत |
मैं हुआ हूँ तन्हा तेरे बिना , पर मुझमें तेरे अल्फास बहुत |
है उम्मीद तुम कभी आओगे, फिर आ के मुझ को लौटाओगे ,
मेरे दिल का टुकडा जो खास था, मुझे आज भी है आस बहुत |

_____________________हर्ष महाजन