Wednesday, December 4, 2013

न शिकवा करता हूँ न गिला करता हूँ

------------जनम-दिन -----------

न शिकवा करता हूँ न गिला करता हूँ ,
रहे तू सलामत बस ये दुआ करता हूँ |

उलझन है तुझको दूँ क्या मैं तोहफा,
फूल तो कम है असूल अदा करता हूँ ।

नज़में कुछ ग़ज़लें इब्तदाई सफ़र की
बता दो कहो तुम वही ज़ुदा करता हूँ ।

तुम्हें ज़िन्दगी के सब हौंसिले मुबारक ,
जो अनछुए हैं जज़्बात वही अदा करता हूँ ।

जनम-दिन मुबारक जनम-दिन मुबारक

___________हर्ष महाजन