Sunday, May 4, 2014

न हिन्दुओं का हूँ न मुसलमानों का कातिल

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न हिन्दुओं का हूँ न मुसलमानों का कातिल,
मैं ऐसा वक़्त हूँ कि...हूँ इंसानों का कातिल ।
अब ऐसे मुल्क में कहाँ.....कोई राज करेगा,
जो भी करेगा होगा...बे-ईमानों का कातिल ।


--------------हर्ष महाजन