Sunday, August 24, 2014

जब तसव्वुर में तुम बन ख्वाब इधर आओगी

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जब तसव्वुर में तुम बन ख्वाब इधर आओगी,
है यकीं मुझको मेरी....बन के जिगर आओगी |
गर यूँ भूले से कभी.....गैरों का चर्चा भी किया,
मेरी आँखों से तुम....बन अश्क उतर आओगी |

____________हर्ष महाजन