Tuesday, September 30, 2014

कितनी मुद्दत बाद उतरे हैं तहल्कते शब्द तेरी कलम से

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कितनी मुद्दत बाद उतरे हैं तहल्कते शब्द तेरी कलम से,
मगर जब भी निकलते हैं 'हर्ष' दिल को हिला के रखते हैं |

________________________हर्ष महाजन