Sunday, February 1, 2015

जब कभी अहसास बन टपक पड़े, मुझ जैसा कोई आंसू

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जब कभी अहसास बन टपक पड़े, मुझ जैसा कोई आंसू,
थाम लेना तुम उसे अपने दामन में, कहीं बिखर न जाए |


___________________हर्ष महाजन