Monday, February 2, 2015

कुछ इस तरह तेरे दामन में अब गिरना चाहता हूँ

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कुछ इस तरह तेरे दामन में अब गिरना चाहता हूँ,
तेरा आंसू हूँ बाहर आकर तुझ से मिलना चाहता हूँ ।

-------------------------हर्ष महाजन

Kuch is tara tere daaman me ab girna chahta hun
Tera aansu hun bahar aakar tujh se milna chahta hun.

-----------------------------Harash Mahajan