Wednesday, May 20, 2015

कभी तो दिल की महफ़िल में सलाम-ए-इश्क फरमाइए


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कभी तो दिल की महफ़िल में सलाम-ए-इश्क फरमाइए,
हमें ईजाद करना है कलाम-ए-इश्क चले आइये |

___________हर्ष महाजन