Thursday, June 11, 2015

बे-हिसाब हुए हैं बलवे दिल में उसके मेरी खातिर,

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बे-हिसाब हुए हैं बलवे दिल में उसके मेरी खातिर,
कितने ही अरमान हुए हैं आशकारा मेरी खातिर ।
सरे-राह जब उस शख्स ने पुकारा मुझे बेरहमी से ,
तो खुदा ने हक़ीकतन ज़मीं पे उतारा मेरी खातिर ।

---------------------हर्ष महाजन


[आशकारा = प्रकट