Monday, December 28, 2015

देखो ऐसा न हो ख्वाब इक यूँ पलता रहे

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देखो ऐसा न हो....ख्वाब इक......यूँ पलता रहे,
कहो कुछ इस तरह दिल में चिराग जलता रहे |
हैरान हूँ मैं मुसलसल.............तेरी अदाओं पे,
कहीं ये दिल मेरा..अनजाने में...न सलता रहे |

__________________हर्ष महाजन