MaiN Our Meri Tanhayii

इस ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव के साथ कई कवि सम्मेलनों और महफ़िलों में शिर्कत करते हुए ज़हन से निकले अहसास, अल्फास बनकर किस तरह तहरीरों में क़ैद हुए मुझे खुद भी इसका अहसास नहीं हुआ | मेरे ज़हन से अंकुरित अहसास अपनी मंजिल पाने को कभी शेर, नज़्म , कता, क्षणिका, ग़ज़ल और न जाने क्या-क्या शक्ल अख्तियार कर गया | मैं काव्य कहने में इतना परिपक्व तो नहीं हूँ | लेकिन प्रस्तुत रचनाएँ मेरी तन्हाइयों की गवाह बनकर आपका स्नेह पाने के लिए आपके हवाले है उम्मीद है आपका सानिध्य पाकर ये रचनाएँ और भी मुखर होंगी |

▼
Wednesday, July 31, 2013

यूँ ही बेरुखी में उसने कभी खुद को न संभाला

›
.... यूँ ही बेरुखी में उसने कभी खुद को न संभाला, दुनिया की अब नज़र में खुद को ही मार डाला | कोई कैसे पूछे हाल और कोई कैसे खुद बताये, यूँ लग...
Monday, July 29, 2013

कभी तेरी जुल्फों के साए की थी बहुत ख्वाहिश

›
... कभी तेरी जुल्फों के साए की थी बहुत ख्वाहिश, आज बेसबब चेहरे से हटा देने को जी चाहता है | तुम्हे पा लेने की वो तड़प मुझे आज भी याद है...

इस गुलिस्तान में खिलने को तो फूल बहुत हैं

›
कुछ पुराने अहसासों से ............. इस गुलिस्तान में खिलने को तो फूल बहुत हैं, कोई फूल तुझ जैसा भी हो तो कोई बात बने | बहुत खाएं हैं ज़...
Sunday, July 28, 2013

आज तकदीर मेरी उनसे जुदा होने को है

›
... आज तकदीर मेरी उनसे जुदा होने को है , जो खुदाओं से परे था वो खुदा होने को है | बता तो कैसे ढूंढें राहे डगर उनकी निशानी, जो म...
Saturday, July 27, 2013

दीद संग है जो तेरी गम मैं सब उठा लूँगा

›
... दीद संग है जो तेरी गम मैं सब उठा लूँगा, पढ़ के तहरीरें नमाज़ों में तुझे पा लूँगा | गैर मुमकिन है यकीं मुझको न होंगे यूँ जुदा फिर भ...

दिए हैं बहुत गम उसने ज़िन्द कुम्हला गयी

›
दिए हैं बहुत गम उसने ज़िन्द कुम्हला गयी, बेबसी उदासी और आंसुओं में नहला गयी | ज़िंदगी तो कट गयी अकेले उनके इंतज़ार में, उम्मीदे सहरी थी उन...
Thursday, July 25, 2013

रात भर तेरे गम में चाक रहे, आँख भर-भर के जाम चलते रहे

›
... रात भर तेरे गम में चाक रहे, आँख भर-भर के जाम चलते रहे, इक झलक पाने को मैखाने में, यूँ ही चढ़-चढ़ के दाम चलते रहे | क्यूँ ये राते...
Tuesday, July 23, 2013

उम्र भर कही तहरीरें उनके हुस्न-ओ-शबाब की

›
  .... उम्र भर कही तहरीरें उनके हुस्न-ओ-शबाब की, कभी सोचा भी न था जगह लूं उनके सुहाग की | बनाने वाले ने तकदीर बना डाली कुछ इस तरह, व...

कई शख्स दोस्त बनाने में बहुत तेज़ होते हैं

›
... कई शख्स दोस्त बनाने में बहुत तेज़ होते हैं, अच्छे हों या बुरे पर नामों के बहुत पेज होते हैं | कोई सरोकार नहीं दोस्ती की अहमियत क्य...
Sunday, July 21, 2013

तुझे कैसे दिल की तलाश है तू बता क्या गम तेरे पास है

›
.... तुझे कैसे दिल की तलाश है तू बता क्या गम तेरे पास है, तेरे इश्क में जिंदा तो है, पर शख्स वो अब भी उदास है | उल्फत में भी रोये बहुत, हँ...
Saturday, July 20, 2013

कफन खुद ही मौत पे चल-चल आये

›
... कफन खुद ही मौत पे चल-चल आये कभी लाए चाचा, कभी मामा लाए | कई लाशों को ये नसीब नही होता, मगर लाश देखो जो ताज बनवाये | _________...

जो शख्स उठ गया जहाँ से दे रहा इम्तिहान क्यूँ

›
प्रिये अभिनेता प्राण साहब को मेरी दिली श्रद्धांजली ______________________________ _____ ... जो शख्स उठ गया जहाँ से दे रहा इम्तिहान क्...
Thursday, July 18, 2013

जन्म दिन का आया शुभ वेला

›
..... जन्म दिन का आया शुभ वेला, बहारों का लग आया यहाँ मेला मौसम भी बसंती सुहाना , जन्म-दिन जो तेरा अलबेला | ये जग भी यहाँ दो दिन का ...
Tuesday, July 16, 2013

जो तोड़े इन ऐतबारों को

›
+++++++++ ये रिश्ते ++++++++ ... जो तोड़े इन  ऐतबारों को, भूले हैं बढती दरारों को | गर दिल के दरीचे फटने लगे, कौन  रोकेगा इन दीवारों...

बेदाग मुहब्बत को अपने ख्वाबों में ढोया करता हूँ

›
... बेदाग मुहब्बत को अपने ख्वाबों में ढोया करता हूँ | अहसास उफनते हैं इतने खुद से मैं सौदा करता हूँ | कुछ बिक गए कुछ बिकने को कुछ आनाक...

दिन भर मैं खुद से शिकायत करता हूँ

›
... दिन भर मैं खुद से शिकायत करता हूँ , इस तरह मैं खुद पर इनायत करता हूँ | बेरंग खतों को लिख-लिख फिर उनमें, टुकड़े दिल के रख रियाय...
Monday, July 15, 2013

उसने किस तरह दिल को समझाया होगा

›
.... उसने किस तरह दिल को समझाया होगा, मेरे नाम संग जब स्वर्गीय लगाया होगा | रो रो कर जब किया होगा बुरा हाल अपना, तो माँ ने फिर हाल-ए...
Friday, July 12, 2013

हस्ती बना दिलों में तुम जहाँ से चल पड़े

›
R.I.P PRAN SAHEB .......Extremely saddened by the demise of the LEGENDARY PRANSAAB ... हस्ती बने दिलों में तुम जहाँ से चल पड़े,   वो अश...

बिखरी उसकी जुल्फें बतलाता ही क्यूँ है

›
** * बिखरी उसकी जुल्फें बतलाता ही क्यूँ है, फिर मुझ से शिकारी कतराता ही क्यूँ है | गर महफ़िल में खुद परवाना बन जले वो, वही शम्म...
Thursday, July 11, 2013

मेरे दिल में हैं सजी उनकी दुआएं लेकिन

›
... मेरे दिल में हैं सजी उनकी दुआएं लेकिन , उसमें रहने की रिवायतें तो निभानी होंगी | _______________हर्ष महाजन
‹
›
Home
View web version

कुछ मेरे बारे में

My photo
Harash Mahajan
View my complete profile
Powered by Blogger.