MaiN Our Meri Tanhayii

इस ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव के साथ कई कवि सम्मेलनों और महफ़िलों में शिर्कत करते हुए ज़हन से निकले अहसास, अल्फास बनकर किस तरह तहरीरों में क़ैद हुए मुझे खुद भी इसका अहसास नहीं हुआ | मेरे ज़हन से अंकुरित अहसास अपनी मंजिल पाने को कभी शेर, नज़्म , कता, क्षणिका, ग़ज़ल और न जाने क्या-क्या शक्ल अख्तियार कर गया | मैं काव्य कहने में इतना परिपक्व तो नहीं हूँ | लेकिन प्रस्तुत रचनाएँ मेरी तन्हाइयों की गवाह बनकर आपका स्नेह पाने के लिए आपके हवाले है उम्मीद है आपका सानिध्य पाकर ये रचनाएँ और भी मुखर होंगी |

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Wednesday, May 13, 2015

ज़लज़ले जो आ रहे अब.....बात कुछ तो ज़रूर है

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... ज़लज़ले जो आ रहे अब.....बात कुछ तो ज़रूर है, पाप पर्वत हो चलें जब........खुदा का ये दस्तूर हैं | कौन जाने इस ज़मीं से, नाम किस का ह...

:एक क्षणिका:

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... :एक क्षणिका: _________ _ | | जिस पल उसने आँचल से मुझे उतार दिया | यूँ लगा !! भर हुंकार खुदा ने वापिस पुकार लिया !! ~~...
Tuesday, May 12, 2015

इन्सान की फितरत क्या कहिये, मुर्दों में खज़ाना ढूंढ लिया

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... इन्सान की फितरत क्या कहिये, मुर्दों में खज़ाना ढूँढ लिया, कहाँ बेचें जिस्म के अंगों को, उसका भी ठिकाना ढूँढ लिया | छोड़ें न मरगट में वो ...

ज़ुल्फ़ सहलाते हुए बे-वफ़ा कहते रहे

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... ज़ुल्फ़ सहलाते हुए...........बे-वफ़ा कहते रहे , दर्द-ए-गम इतना बढ़ा हम सितम सहते रहे | होगी मजबूरी फकत.मुझको मगर दूर न थे, इश्क ...
Sunday, May 10, 2015

मुद्दत से तुझे देखा ही नहीं माँ

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आदाब !!!! क्या कहूँ आज मदर्स डे है !!! सो सो नमन माँ को !! बड़े खुश नसीब हैं वो सभी शख्स जिन्हें उनका साथ नसीब है | न जाने क्यूँ ये द...
Friday, May 8, 2015

ऐ खुदा मुझे तुम अपनी अदाओं में रखना

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... ऐ खुदा मुझे तुम अपनी अदाओं में रखना, थक चुका हूँ ज़िन्दगी से दुआओं में रखना | ___________हर्ष महाजन
Thursday, May 7, 2015

चुगली निकल ज़ुबान से, अदभुत खेल दिखाय

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... चुगली चुगली निकल ज़ुबान से, अदभुत खेल दिखाय, रिश्तों में इंसान के, तुरत फेर पड़ जाय | तुरत फेर पड़ जाए, करावे जंग दुतरफे, ...
Tuesday, May 5, 2015

क्यूँ उठा आज तुफां समंदर में

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... क्यूँ उठा आज....तुफां समंदर में, भंवर दिल में....मचल गया कोई | जिनकी खातिर अभी मैं जिंदा हूँ, पल में उनको....बदल गया कोई | ...
Monday, May 4, 2015

अपने उन आंसुओं का तो कभी ज़िक्र कर लिया होता

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... अपने उन आंसुओं का तो.....कभी ज़िक्र कर लिया होता, मुहब्बत किस कदर रुसवा हुई इत्मिनान हो गया होता | ____________________हर्ष महाजन

लम्हा-लम्हा मुझे ख़्वाबों में सताता है कोई

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... लम्हा-लम्हा मुझे ख़्वाबों में सताता है कोई, फिर मुझे रातों की नींदों से जगाता है कोई | बेखबर है वो मुसाफिर शायद अश्कों से मेरे, ...
Sunday, May 3, 2015

जिस किसी ने भी देखा है उनकी ज़फाओं का जलवा

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.... जिस किसी ने भी देखा है उनकी ज़फाओं का जलवा, उनके ज़िक्र भर से पेशानी ऊपर का रुख कर लेती है | ____हर्ष महाजन

इक ऐंज दा यार मिन्नू चाही दा ई

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पंजाबी गीत  इक ऐंज दा यार मिन्नू चाही दा ई, तेरे वांग दा यार मीनू चाही दा ई | दिलदार वि होवे मेरी तरहां, खुशगवार वि हॉवे तेरी तरहां...
Thursday, April 30, 2015

मुद्दतों बाद मुक्त हुआ हूँ तेरी डायरी से ऐ 'हर्ष'

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... मुद्दतों बाद............मुक्त हुआ हूँ तेरी डायरी से ऐ 'हर्ष', महफ़िल-ए-ग़ज़ल हूँ मगर जुबां पर उतरने से डरता हूँ | ________...
Tuesday, April 28, 2015

तेरी जुल्फों से नज़र मुझसे हटाई न गई

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... तेरी जुल्फों से नज़र मुझसे हटाई न गई, नम आँखों से पलक मुझसे गिराई न गई | मैं भी था फूल कभी पर था अंधेरों में खिला, दिल थ...
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