MaiN Our Meri Tanhayii

इस ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव के साथ कई कवि सम्मेलनों और महफ़िलों में शिर्कत करते हुए ज़हन से निकले अहसास, अल्फास बनकर किस तरह तहरीरों में क़ैद हुए मुझे खुद भी इसका अहसास नहीं हुआ | मेरे ज़हन से अंकुरित अहसास अपनी मंजिल पाने को कभी शेर, नज़्म , कता, क्षणिका, ग़ज़ल और न जाने क्या-क्या शक्ल अख्तियार कर गया | मैं काव्य कहने में इतना परिपक्व तो नहीं हूँ | लेकिन प्रस्तुत रचनाएँ मेरी तन्हाइयों की गवाह बनकर आपका स्नेह पाने के लिए आपके हवाले है उम्मीद है आपका सानिध्य पाकर ये रचनाएँ और भी मुखर होंगी |

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Sunday, July 8, 2018

आज सूना हो गया

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... आज सूना हो गया दिल तेरे फिर* जाने के बाद, सोचता हूँ होगा फिर क्या तेरे फिर आने के बाद । -------------------------हर्ष महाजन *बदल...
Friday, May 4, 2018

क्यूँ न अश्कों का साथी बनूँ हमसफर

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... क्यूँ न अश्कों का साथी बनूँ हमसफर, जी रहा  बिन तेरे ज़िन्दगी का सफर ।  आओ ठहरो तसव्वर में कुछ देर सँग, हिज़्र कैसे सहूँ कैसे द...
Thursday, March 1, 2018

आओ चढ़ा के रंग होली का मिला करें

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... आओ चढ़ा के रंग.. होली... .का मिला करें, दिल में जगा के प्यार को आओ...दुआ करें । नीला हो या पीला हो या हो रसंग अब लाल, रिश्तों...
Wednesday, February 21, 2018

अटूट रिश्ता (नज़्म)

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दोस्तो आपकी अदालत में एक नज़्म पेशे खिदमत है उम्मीद है इसे अपने प्यार से ज़रूर नवाजेंगे ।अगर अच्छी लगे तो दो शब्द ज़रूर कहियेगा । ----------...
Tuesday, February 20, 2018

यूँ न आंखों से बातें किया कीजिये

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... यूँ न आँखों से बातें किया कीजिये, इश्क़ का यूँ सबक न दिया कीजिये । हम तो नादान हैं प्यार में कुछ सनम, तुम ख़बर कुछ तो दिल की लिया...

काश आज भी पुराना जमाना होता,

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... काश आज भी......पुराना जमाना होता, तुझ संग मेरा भी....इक अफसाना होता । कुछ भी बदल लेते..हाथों की लकीरों में, पर ज़िन्दगी का सफर खूब ...
Monday, February 19, 2018

इश्क़ तक तुझे तैयार करूँ ज़ायज़ नहीं लगता

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... इश्क़ तक तुझे तैयार करूँ ज़ायज़ नहीं लगता, अनचाहा फिर खुमार भरूँ ज़ायज़ नहीं लगता । चाहत तो है तेरे हुस्न का दीदार कर लूँ मगर, दहलीज़ पे...

हद से ज़्यादा प्यार करना भी गुनाह हो गया

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... हद से ज़्यादा प्यार करना भी गुनाह हो गया, वो रिश्ता कुछ यूं बना कि घर तबाह हो गया । ------------------------हर्ष महाजन
Monday, February 12, 2018

फासला रखना हमेशा अच्छे हों जितने ये लोग

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... फासला रखना हमेशा अच्छे हों जितने ये लोग, होती मीठी सी ज़ुबाँ अंदर से ज़हरीले ये लोग । मुस्कुराते रहते हैं ये......फूल कांटों संग भी, ...

ख़्वाबों का सिलसिला क्या बताऊँ ऐ 'हर्ष,

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... ख़्वाबों का सिलसिला क्या बताऊँ ऐ 'हर्ष, हालात-ए-इश्क से बे-खबर लगता है शायद तू | _______हर्ष महाजन

यूँ ही मुहब्बत में बर्बाद होना किसे अच्छा लगता है

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... यूँ ही मुहब्बत में बर्बाद होना किसे अच्छा लगता है, मगर हौंसिले बुलंद हों तो हर ज़ख्म सुहाना लगता है | _______________________हर्ष म...

इतना भी तो आसां नहीं किसी शेर को कह पाना

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... इतना भी तो आसां नहीं किसी शेर को कह पाना, इक-इक लफ्ज़ मुहब्बत हार कर पिरोना पड़ता है | ___________________हर्ष महाजन

कुछ दर्याफ़्त करना भी अब गुनाह सा लगता है,

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... कुछ दर्याफ़्त करना भी अब गुनाह सा लगता है, भुला दो तुम भी वो लम्हें यही वफ़ा सा लगता है | ___________________हर्ष महाजन
Monday, November 13, 2017

ये लफ्ज़ मेरे, सोच मेरी, नग्में भी मेरे,

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... ये लफ्ज़ मेरे, सोच मेरी, नग्में भी मेरे, अब जाने क्यूं ख्याल सभी उनमें हैं तेरे  । ये शाम भी हँसी-हँसी है वक़्त में वफा, फ़िर जाने ते...
Saturday, November 11, 2017

चलो आज उन्हें बता कर देखते हैं

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... चलो आज उन्हें बता कर देखते हैं, तसव्वुर दिल के जता कर देखते हैं । बहुत खेल ली खुद से आंख मिचौली, चलो आज उन्हें मना कर देखते हैं । ...
Wednesday, August 23, 2017

मेरे किस्से मेरी दुनिया भी कोई जाना नहीं

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... मेरे किस्से मेरी दुनिया भी कोई जाना नहीं, दर्द कितना मेरे दिल में था कोई माना नहीं | साथ रहते थे..........तसव्वुर का पता देते थे, पहले ...
Thursday, August 3, 2017

अश्कों की दास्तां है, यूँ ही दर्ज हुआ करती है ऐ 'हर्ष',

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.... अश्कों की दास्तां है, यूँ ही दर्ज हुआ करती है ऐ 'हर्ष', वरना अहसासों से उठे सैलाब ज़िन्दगी को तोड़ देते हैं ।... ----------...

ज़ख्म दर ज़ख्म अपने अहसास इन शेरों में प्रवेश करता हूँ

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.. ज़ख्म दर ज़ख्म अपने अहसास इन शेरों में प्रवेश करता हूँ बस दिल के कुछ टुकड़े हैं जो रोज़ किश्तों में पेश करता हूँ । ___________________...
Thursday, July 20, 2017

इतनी उम्मस है फलक को तू हिलाने वाले

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... इतनी उम्मस है फलक को तू हिलाने वाले, ये घटा बरसेगी कब....दुनियाँ चलाने वाले । ---------------------हर्ष महाजन
Tuesday, July 18, 2017

ये तोपें हिन्द की गर खुल गईं दुश्मन का क्या होगा,

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... ये तोपें हिन्द की गर खुल गईं दुश्मन का क्या होगा, मिटेगा हर निशाँ दुनियाँ के नक्शे से बयाँ होगा । जो घाटी से मुहब्बत की दुहाई दे र...
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