MaiN Our Meri Tanhayii

इस ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव के साथ कई कवि सम्मेलनों और महफ़िलों में शिर्कत करते हुए ज़हन से निकले अहसास, अल्फास बनकर किस तरह तहरीरों में क़ैद हुए मुझे खुद भी इसका अहसास नहीं हुआ | मेरे ज़हन से अंकुरित अहसास अपनी मंजिल पाने को कभी शेर, नज़्म , कता, क्षणिका, ग़ज़ल और न जाने क्या-क्या शक्ल अख्तियार कर गया | मैं काव्य कहने में इतना परिपक्व तो नहीं हूँ | लेकिन प्रस्तुत रचनाएँ मेरी तन्हाइयों की गवाह बनकर आपका स्नेह पाने के लिए आपके हवाले है उम्मीद है आपका सानिध्य पाकर ये रचनाएँ और भी मुखर होंगी |

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Saturday, August 31, 2013

ये तूने किस तरह हाज़िर किया है तल्ख़ नजराना

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.. ये तूने किस तरह हाज़िर किया है तल्ख़ नजराना, भला अब होगा क्या उसका, जो तेरा होगा दीवाना | ये तेरी बे-रुखी न जाने.......... तब क्या रं...

तूने प्यार का जो आह्वान किया हैरान हो गया,

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... तूने प्यार का जो आह्वान किया हैरान हो गया, रिश्ता बदल अहतराम किया परेशान हो गया | अब किस तरह बदले हैं ये दिन-रात और पहर, ये देख क...
Friday, August 30, 2013

क्यूँ अपने दिल को सराए का खिताब दे डाला

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ज़िन्दगी एक सराए ही तो है ____________________ ____________________ .... क्यूँ अपने दिल को सराए का खिताब दे डाला, बे-वज़ह सुख-दुःख रुक...
Thursday, August 29, 2013

तू रिश्ता बन मेरे सीने में धड़का मगर तडपा गया

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... तू रिश्ता बन मेरे सीने में धड़का मगर तडपा गया, महका किया बन गुलिस्ताँ अब जाने क्यूँ मुरझा गया | जिन शहरों में मैखाने हैं, जिन हाथो...
Wednesday, August 28, 2013

बेवज़ह तू दो पल जुदा हुई

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... बेवज़ह तू दो पल जुदा हुई, शायद तू खुद न रिहा हुई | जब मुस्तकबिल तेरा यहाँ, काहे को तू फिर विदा हुई | तुझे रंज कोई कलम से है , ...
Tuesday, August 27, 2013

क्यूँ मुझको भेजा जुदा जुदा

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नज़्म क्यूँ मुझको भेजा जुदा जुदा, तू तो सृष्टी का है खुदा खुदा | कभी राम के अवतार में तू , कभी श्याम रंग मिला हुआ | कभी इतना सर प...

मैं तो अपने दर से बिछुड़ गया

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... मैं तो अपने दर से बिछुड़ गया, न सफ़र में था पर किधर गया | यूँ ही करके खूँ अब भरोसे का, वो गया, मगर न ज़हर गया | मेरी भड़के...
Monday, August 26, 2013

मुझे वो दिल से मिले गुल तभी गुलजार हुए

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... मुझे वो दिल से मिले गुल तभी गुलजार हुए, सबब था कुछ भी मगर अब मेरे सरकार हुए | जहाँ थे चर्चे उनके शहर तक अफसाना हुआ , मेरी रग-रग म...
Sunday, August 25, 2013

हर्षा इस संसार में, शिकवों का भण्डार

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.... हर्षा इस संसार में, शिकवों का भण्डार, बात-बात बे-बात अब, उगले वो  अंगार | उगले वो अंगार, रहा हरसु वो बगल में, छुप-छुप ...

उसने कभी देखे नहीं मेरे क़दमों के निशाँ

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... उसने कभी देखे नहीं मेरे क़दमों के निशाँ, तन्हाईयाँ खुद बता देती उसे खामोश जुबां | कब तलक छुपाओगे वफाओं के सिलसिले, फिर कब बनेगा अप...
Friday, August 23, 2013

दिल के आईने में अक्स उसका अब दिखाई न दे

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... दिल के आईने से मेरे उसका अक्स ऐसे गया , मेरे हाथों की लकीरों से वो शख्स जैसे गया | ________________हर्ष महाजन 

किसी की तबाही का मंजर उसे सकूं देता है बहुत

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... किसी की तबाही का मंजर उसे सकूं देता है बहुत, सदियों से कब्रें बदल रहा है, वो इसे पाने के लिए | ___________________हर्ष महाजन
Thursday, August 22, 2013

जाने क्यूँ अब खेलने को उसे मेरा दिल ही नज़र आने लगा

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... जाने क्यूँ अब खेलने को उसे मेरा दिल ही नज़र आने लगा, तन्हाइयों में है मुद्दत से,ये सोच मैं खुद को समझाने लगा | जलवा फिरोश होती है रोज़ म...
Wednesday, August 21, 2013

जाने किस ख्याल से ये मंसूबे बनाए उसने

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... जाने किस ख्याल से ये मंसूबे बनाए उसने, ज़हर देकर बचने के नुस्खे भी बताये उसने | किस तरह कहूँ ये इश्क था या नफरत उसकी, दुनियां को क्या-क...
Tuesday, August 20, 2013

खुद को कर देना इतिहास के पन्नों पर कुछ यूँ चस्पा

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... खुद को कर देना इतिहास के पन्नों पर कुछ यूँ चस्पा, कभी दुबारा सर ज़मीं छू ली तो तुम्हे शरीक कर पाऊँ | बहुत कर लिए हैं गुनाह और उनका ...

देखकर तस्वीर तेरी रगों में खून मेरा दौइने लगा है

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.... देखकर तस्वीर तेरी रगों में खून मेरा दौइने लगा है, गर तू इश्क मे है मुब्तिला तो आज इसे हटा देना | दिल का समंदर शांत था मगर आज उफान...
Sunday, August 18, 2013

टूटकर बिखरा है मुक़द्दर उसका खफा निकला

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... टूटकर बिखरा है मुक़द्दर उसका खफा निकला, परिंदा था इश्क का हमसफ़र बे-वफ़ा निकला | किस तरह बताये वो अपनों के दिए ज़ख्म अब , खरोंच तो आयी दिल...

है ये ऐसा बंधन प्यार का जिसे याद कर घर आये तू

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... ______________________________ ________________ रक्षाबंधन पर उतरे कुछ दिल के असल अहसास आपके हवाले ______________________________ ...
Thursday, August 15, 2013

मैं तो उस दिन भी जंग में शरीक हुआ

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... मैं तो उस दिन भी जंग में शरीक हुआ, जब भारत था जिस दिन तहरीक हुआ | मादरे हिन्द का चेहरा भी था खुश बहुत, जब तिरंगा था हिन्द का प्...
Wednesday, August 14, 2013

...आज़ाद हुआ मैं आज़ाद वतन ....

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__________नज़्म__________ ...आज़ाद हुआ मैं आज़ाद वतन .... एक जहरीली सी भूल हुई शख्स से , हिन्दुस्ताँ का विभाजन कुछ रंग लाएगा | क...
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