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Monday, September 16, 2013

आतंवाद क्यूँ ( हायकू )


मेरे दो हायकू 
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"आतंवाद क्यूँ, 
हैं चोर जब सारे 
किसे पुकारें "


"अँधा कानून 
लुटती जब कन्या
दर्शक मूक "

____हर्ष महाजन

Tuesday, November 13, 2012

जिद्द है जिद्द

~~~:०:~~~
जिद्द है जिद्द
पटाखे फोड़ने की
ज़रा सोचो तो !!!


~~~:०:~~~


छोडो भी अब

दुश्मनी अब तुम
दीपावली है !!!


~~~:०:~~~

______हर्ष महाजन
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Monday, February 27, 2012

हायकू______दर्द-ए-दिल

हायकू______

दर्द-ए-दिल
अब दूंढ रहा है
बे-वफ़ा प्राणी ।

____हर्ष महाजन

हायकू____



बिकाऊ नहीं
इस जिंदगानी में
ये दिल मेरा ।

____हर्ष महाजन

हायकू __________आती है रोज़

आती है रोज़
जुल्फों को संवारती
खरीदे दिल ।

________हर्ष महाजन



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हिंदी में हायकू सिर्फ तीन पंक्तियों का होता है
पहली पंक्ति में पांच शब्द दूसरी में सात शब्द और अंतिम पंक्ति में भी पांच शब्द __ आधे शब्द या मात्राओ को नहीं गिना जाता........

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हायकू ______मेरे अंगने


हायकू _____

मेरे अंगने

लुटा हर्ष-ए-दिल
गैरों के हाथ ।



_____हर्ष महाजन