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Thursday, February 9, 2017

क्षणिका क्या है ?



“क्षण की अनुभूति को चुटीले शब्दों में पिरोकर परोसना ही क्षणिका होती है।"

अर्थात् मन में उपजे एक क्षण के गहन भाव को अपने कम से कम शब्दों में कैद करना  ।

Wednesday, February 8, 2017

दूरियां

...

दूरियां बढाने से
दिलों में,
प्यार बढ़ता है ।
मगर
दूरियां !! इतनी भी न हों जाएँ
कि वो
भूल ही जाए ।

-- हर्ष महाजन

क्षणिका (ऐ दिल)

क्षणिका
*******

ऐ दिल !
धड़को !!
खूब धड़को !!!
मगर ----
इतना नहीं ?
कि अपनी
पराकाष्ठा ही भूल जाए ।

--हर्ष महाजन

पराकाष्ठा = चरम सीमा

Wednesday, May 13, 2015

:एक क्षणिका:

...

:एक क्षणिका:
_________
_
|
|

जिस पल
उसने
आँचल से
मुझे उतार दिया |
यूँ लगा !!
भर हुंकार
खुदा ने
वापिस पुकार लिया !!

~~०~~

____हर्ष महाजन




अतीत के पन्नो से ..........

Tuesday, February 21, 2012

क्षणिका _______एक बुढ़िया

ये
खँडहर भी
कभी
एक बुलंद इमारत
हुआ करती थी
एक बुढ़िया !!

हर्ष महाजन 

क्षणिका

वो
उस मकान के
सहारे है !

जिसमे
रेत की दीवारे हैं !!


हर्ष महाजन

Wednesday, September 14, 2011

क्षणिका

नेता जी 
पत्नी और नौकरानी में 
भेद नहीं रखते हैं
वे हमेशां उदारवादी
व्यवस्था का पक्ष धरते हैं |

हर्ष महाजन

क्षणिका

बदलते माहौल में
अर्थ भी बदलने लगे हैं
ज्योतिष की आड़ में
दिल की दूकान करने लगे हैं 
हाथ देखने वाले
अब हाथ पकड़ने लगे हैं |

हर्ष महाजन

क्षणिका

फूँक फूँक कर 
पाँव रखना भी 
नाकाम हो गया |
मैं  फूंकता ही रहा 
वह बहुत दूर निकल गया |

हर्ष महाजन

Sunday, September 4, 2011

चाहता तो बहुत हूँ

तू बहुत उदास है
तुझे अब मनाऊँ कैसे
चाहता तो बहुत हूँ
पर दोस्त 
तुझे
हाथों की लकीरों में
सजाऊँ कैसे !!!!!!!!

हर्ष महाजन

Monday, May 18, 2009

Saraai

Saraai

__________________

MaiN Ek Saraai hooN,
JismeiN
Sukh-Dukh
Aate haiN
Thehrte haiN
Chale jaate haiN !!


Harash

Sahara


Sahara 
Chaiye Muzhko
Magar
Aisa nahiN?
JyuN
Baadal se Giri BooNd
Bijali ke taar par
Pal bhar ruke
our Gir pade!! 


Harash