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Monday, October 5, 2015

पर निंदा हम सब करें जाग-जाग दिन रात

============दोहे============
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पर निंदा हम सब करें जाग-जाग दिन रात
करम बढावें आपणा बिन करनी बिन घात |
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रख सलीब सर आपने, करो भजन दिन रात,
आपु पार लगाऊ ओ हर पल मुर्शिद साथ |
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निंदा निकल जुबान से, ऐसा खेल दिखाय,
घर इक उजड़े आपणा, पर घर ईंट लगाय |
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मन खेला तु खूब किया, अब गठरी तु ढोये
काल कोठरी में पडा, अब काहे तु रोये |
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जुगत संवारों आपणी, गुर मूरत रख साथ,
कारज खुद कर जायगा, गुर तेरे जब हाथ |
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_________हर्ष महाजन

Tuesday, November 13, 2012

चंदा फलक से लुप्त हुआ, अमावस की पुकार



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चंदा फलक से लुप्त हुआ, अमावस की पुकार |
दीपक अपनी जात से, बाँट रहे उजियार ||

फुल्झड़ियाँ धुआं छोड़तीं, करें पटाखे शोर |
पर्यावरण की खातिर, इनसे नाता तोड़ || 

जेब सभी की शुब्द हुई, बाल लगाएं घात |
छोड़ पटाखे रात-दिन, हुआ जेब आघात ||

कितने दीये जल उठे, कितने हैं तैयार |
टूटे रिश्ते जोड़ दे , दिवाली त्यौहार ||

__________हर्ष महाजन

Monday, November 12, 2012

अब टका-टक फोड़ो बम, जु तारों कि बारात

दिवाली के इस शुभ-अवसर पर --ज्योति और प्रकाश पर्व दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें । 
शुभ दीपावली
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-------दीपावली पर्व पर कुछ दोहे----------

अब टका-टक फोड़ो बम, जु तारों कि बारात |
दीये जले जगह-जगह,आज दिवाली रात ॥


फूलझड़ी जल-राख भइ,दिए से गया तेल |
दीपावली बीत रही ,न हुआ लक्ष्मी-मेल ॥


बल्ब जगह लियो दिए की,लुटा अपन का प्यार |
मुबारक हो यु आपको, दिवाली त्यौहार ॥


कुमकुम भरे कदमों से,आवे लक्ष्मी द्वार |
सुख संपत्ति अब खूब मिले, होए कृपा अपार ॥


पूजा की थाली सजे,दिल में उमंग हज़ार |
रंगोली अबकि जीवन में,भरे अब रंग हज़ार ॥


पटाखों के हुडदंग में , है दियों की कतार |
विराजेगी माँ लक्ष्मी, आज आपके द्वार



______________हर्ष महाजन

Wednesday, August 15, 2012

बाबा फाटक खोल अब........देखूं दीप प्रकाश

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___सुफिआना

बाबा फाटक खोल अब........देखूं दीप प्रकाश
जन्म-जन्म मैं ढोलता,बुझी न अब तक प्यास ।

________________हर्ष महाजन ।

Saturday, August 11, 2012

दोहे--बाबा इतनी भीड़ में कैसे करूँ सलाम

दोहे --सुफिआना

बाबा इतनी भीड़ में कैसे करूँ सलाम ,
तीजे तिल खड़ा हुआ,देखा तेरो नाम ।

रौशन सारा जग हुआ,देह हुई निष्काम,
मन के सारे भ्रम तजे ,पहुंचा मैं निज धाम ।

___________हर्ष महाजन ।

Sunday, August 5, 2012

हर्षा सुख तू छोड़ दे नाम जपो दिन रात

सुफिआना
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हर्षा सुख तू छोड़ दे नाम जपो दिन रात
तीसरे तिल पे चल रहि सच-खंड धुन सौगात ।

__________________हर्ष महाजन ।

'हर्षा' मन लालच भरा बाबा तू कुछ बोल

'हर्षा' मन लालच भरा बाबा तू कुछ बोल
राधास्वामी नाम का रस मुझ अंदर घोल ।

_________हर्ष महाजन ।

Saturday, August 4, 2012

सबरी उम्र जु संग रहे, करे निरंतर प्यार

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सबरी उम्र जु संग रहे, करे निरंतर प्यार
इंसानी फितरत वही , दिये सदा दुत्कार ।

दिये सदा दुत्कार जो, वहीँ अश्क बहाय
जो किये परवाह सदा, उन्हें सदा रूलाय ।


दिमाग करि मन चाकरी, इन्द्रियाँ बनि बकरी
असल गुनाह यु मन करे, इन्द्री जाए पकड़ी ।


शायरी मिरि अर्धांगिनी, शायरी मेंरि जान
जिस दिन कहुं अहसास सब, बन जाऊं सुलतान ।



__________________हर्ष महाजन ।

Saturday, May 26, 2012

करत करत अब बात के, हुआ प्यार इज्र्हार

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करत करत अब बात के, हुआ प्यार इज्र्हार
जित संग बीती बतियाते,हुई ज़िन्द बलिहार ।

_____________हर्ष महाजन ।