Monday, June 3, 2013

कैसे कहूं 'हर्ष' मेरी ग़ज़लों का हासिल तुम ही तो हो

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कैसे कहूं 'हर्ष' मेरी ग़ज़लों का हासिल तुम ही तो हो

ख़त जो भेजा था तुझे मैंने, उसे ज़रा मोड़ के देख |

________________हर्ष महाजन