Monday, November 24, 2014

मेरी ज़िन्दगी का खलल है इश्क




मेरी ज़िन्दगी का खलल है इश्क,
क्या कहूँ मेरी पर ग़ज़ल है इश्क |
मेरे हर वस्ल......की नाकामियाँ, 

मेरी धडकनों में..दखल है इश्क |



Merii zindagi ka…..….….khalal hai ishQ,
kya kahuN meri….…par ghazal hai ishQ
Mere har wasal ki…….…. nakaamiyaaN,
Meri DhaRhkanoN meiN dakhal hai ishQ.




_____हर्ष महाजन