Saturday, June 27, 2015

बे-सबब आज उदासी क्यूँ है....बहुत दिल में

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बे-सबब आज उदासी क्यूँ है....बहुत दिल में,
इश्क न पहले था न आज मुहब्बत दिल में |
जलता फिरता हूँ पढ़-पढ़ के तेरे ख़त यूँ ही,
जाने क्या बात.....हुई ख़ाक उल्फत दिल में |

________________हर्ष महाजन