Thursday, August 1, 2013

काश हमारे पास भी मोहब्बत का समंदर होता

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काश हमारे पास भी मोहब्बत का समंदर होता,
फिर कोई शख्स हमारे भी दिल के अंदर होता |
खूब करता मैं तांडव अपने हसीन मुक़द्दर पर ,
और यकीनन आज मुक़द्दर का सिकंदर होता |

________________हर्ष महाजन