Thursday, November 14, 2013

प्यार में गाफिल थे वो इस कदर कि मुझे पज़ल कर दिया



प्यार में गाफिल थे वो इस कदर कि मुझे पज़ल कर दिया,
मेरे कहे कुछ अहसासों को उसने पल में हज़ल कर दिया ।
कुछ शेर जो कहे थे फुर्सत में मैंने उसकी ज़ुल्फ़ों पे कभी,
दे कर साज़-ओ- आवाज़ उसने , उन्हें ग़ज़ल कर दिया ।

_____________________हर्ष महाजन