Sunday, December 1, 2013

तेरी बातें हैं कुछ नदिया तो कुछ बातें समंदर हैं



तेरी बातें हैं कुछ नदिया तो कुछ बातें समंदर हैं,
मुझे इतना तू बतला दे तेरे दिल के क्या अंदर है ।
बहुत पूछा है दुनिया से मुझे पागल ही समझे वो,
मगर ये बात भी सच है ये पागल ही कलंदर है ।

_______________हर्ष महाजन