Monday, July 8, 2013

वो दोस्त था जो दोस्ती से खुद चला गया



ये कृति    Wednesday, September 5, 2012  को इसी ब्लॉग पर डाली थी...आज कुछ मूल सुधार के साथ फिर से प्रेषित कर रहा हूँ .......उमेद है पढने वालों को और भी आनंद आएगा ......


Wednesday, September 5, 2012


वो दोस्त था जो दोस्ती से खुद चला गया,
मुद्दत से निभाया था  वो रिश्ता चला गया ।

खामोश हो गया है जहाँ मुझ नसीब का,
अब मेरी ज़िन्दगी से फ़रिश्ता चला गया ।

आता सभी पे वक़्त वो अच्छा हो या बुरा,
गिरा नजर से यूँ के वो गिरता चला गया ।

जुदा हुआ हूँ दोस्त से पर खौफ मौत का,
मायूस होके दिल मेरा चिरता चला गया ।

जब छा गया माहौल अंधेरों का बे-सबब,
फिर रफ्ता-रफ्ता 'हर्ष'  बिखरता चला गया ।

___________
हर्ष महाजन ।

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