Sunday, September 1, 2013

कभी हाँ खुद की हद को खुद खुदा भी भूल जाता है


______जन्म दिन बहुत बहुत मुबारक _______

कभी हाँ खुद की हद को खुद खुदा भी भूल जाता है,
किसी का लाल मेरा ये फ़र्ज़ अब हर साल आता है |

तुझे खुशियाँ मुबारक सब..मगर तू दे दुआ उसको ,
खुदा हर साल मुहब्बत से...तेरा दामन सजाता है |

जन्म दिन तेरे साहिल का सजा ले खुद को फूलों से,
अभी 'सौरभ' फलक से तोड़ कर तेरे ख्वाब लाता है |

दुआ है कामयाबी के शिखर ..पे नाम हो दोनों का,
मगर हिम्मत भी रखना मुश्किलों का दौर आता है |

जन्म दिन आज ऐसा.. सुन रहा शहनाइयां इतनी,
खुदा भी आसमां पे आज सितारे खूब चमकाता है |

दुआ मेरी खुदा से तुझको अब से कोई गम न हों ,
चाहे न हों यहाँ हम भी चलन खुद ही समझाता है |

जन्म दिन आज तेरा हमको दिल से खूब सुहाता है,
तेरे संग संग मेरे रग रग में खुशियाँ खूब चलाता है |

जन्म-दिन बहूत बहूत मुबारक सौरभ चावला जी

_______________हर्ष महाजन