Friday, August 22, 2014

हज़ारों मर्तबा परखा है मैंने हुस्न को सौगवारों में

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हज़ारों मर्तबा परखा है मैंने हुस्न को सौगवारों में ,
मगर मेरी मोहब्बत का हासिल....बस तू ही तो है |


____________________हर्ष महाजन